हर्षोल्लास से सम्पन्न हुई महकपाल सिंह जयन्ती-समारोह

मेट्रो मत न्यूज़ संवाददाता :- गाजियाबाद वैदिक योग समिति द्वारा आयोजित महक पाल सिंह जयंती समारोह,चौधरी चरण सिंह वाटिका सेक्टर 9,वसुंधरा में हर्षोल्लाह से संपन्न हुआ।

समारोह का शुभारंभ डॉक्टर विष्णु दत्त आर्य के ब्रह्मत्व में महायज्ञ से हुआ।मुख्य यज्ञमान श्रीमती सुगंध राणा एवं श्री मयंक राणा रहे।उन्होंने यज्ञमानों को सुयोग्य और उत्तम संतान प्राप्ति हेतु आशीर्वाद के साथ उनके सफल एवं सुख जीवन के लिए प्रभु से प्रार्थना की। आर्य जगत के सुप्रसिद्ध भजनोपदेशक डॉक्टर कैलाश कर्मठ के साथी कलाकारों द्वारा आधुनिक साज बाज पर ईश्वर भक्ति, सामाजिक एवं ऋषि गुणगान के गीतों को सुनकर श्रोता झूम उठे। मंच का कुशल संचालन कर रही वैदिक योग समिति की अध्यक्षा डा सुधा राणा ने बताया कि हमारी योग कक्षाओं में योग के साथ प्रतिदिन महर्षि दयानन्द कृत सत्यार्थ प्रकाश की कथा होती है।उन्होंने समारोह के समापन पर धन्यवाद ज्ञापित किया। मीडिया प्रभारी योगी प्रवीण आर्य ने प्रेस को जानकारी देते हुए बताया कि आदरणीय महकपाल सिंह जी आजीवन समाज कल्याण के विभिन्न कार्य करते रहे।जैसे गरीबों की लड़कियों की शादी कराना, पर्यावरण को शुद्ध करने के लिए अधिक से अधिक पेड़ पौधे लगाना।वैदिक योग समिति व चौधरी चरण सिंह वाटिका में यज्ञशाला की स्थापना में उनका विशेष योगदान रहा,उन्हीं के द्वारा शुरू किए गए कार्य को योग परिवार आगे बढ़ा रहा है।
वैदिक योग समिति का मुख्य उद्देश्य वेद प्रचार,यज्ञ प्रचार,योग प्रचार एवं पर्यावरण शुद्धि हेतु वृक्षारोपण आदि है।मुख्य अतिथि श्रीमती रेखा चौधरी ने अपने उद्बोधन में कहा कि चित्त की वृत्तियों का निरोध ही योग है।चित्तवृत्तिनिरोध के माध्यम से व्यक्ति को आंतरिक शांति, स्थिरता और आत्म-साक्षात्कार प्राप्त होता है।यह मन को बाहरी प्रभावों से मुक्त करता है और व्यक्ति को अपनी असली पहचान से जोड़ता है। यह व्यक्ति को तनाव,चिंता और अवसाद से मुक्त करने में मदद करता है। विशिष्ट अतिथि श्रीमती सविता तिवारी (महिला पतंजलि योग समिति दिल्ली एनसीआर की राष्ट्रीय प्रभारी) ने अपने उद्बोधन में कहा कि वह पिछले 20 सालों से योग क्षेत्र में निस्वार्थ सेवा दे रही हैं और शीघ्र ही 16000 बहनों के साथ महिला सम्मेलन करने जा रही हैं।उन्होंने आगे कहा की माता-पिता की सेवा कीजिए और किसी भी कार्य को कल पर ना छोड़िए। इस अवसर पर सह योग शिक्षक प्रशिक्षण शिविर में भाग लेने वाली 32 महिलाओं को सह योग शिक्षक प्रशिक्षण प्रमाण पत्र वितरित किए गए एवं उन्हें सम्मानित किया गया। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में आचार्य यशपाल शास्त्री ने कहा की यज्ञ की सुगंध अभी भी आ रही है उन्होंने आगे कहा कि जिन्होंने महक पाल के साथ दो पल भी बिताये होंगे उनकी महक जीवन में कभी खत्म नहीं होगी।वह अमर हो गए। उनके द्वारा किए कार्यों की सुगंधि से सुधा राणा का पूरा जीवन महकता रहेगा। मुख्य रूप से सर्वश्री लेखराज,नरेश पाल, हंसवीर यज्ञवीर चौहान,श्रीमती मृदुल अग्रवाल, सोनिया,ममता चौहान आदि उपस्थित रहे। शांति पाठ एवं ऋषि लंगर के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ।


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