उत्तर रेलवे में हर्षोल्लास संपन्न हुआ योग महोत्सव-2025

मेट्रो मत न्यूज़ संवाददाता गाजियाबाद रविवार को संकेत एवं दूरसंचार प्रशिक्षण केन्द्र उत्तर रेलवे गाजियाबाद में सत्य योग आश्रम ट्रस्ट के तत्वावधान में योग महोत्सव-2025 हरि प्रसाद (प्राचार्य एसटीटीसी उ.रे.) की अध्यक्षता में हर्षोल्लास से सम्पन्न हुआ।उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों को अपने उद्बोधन में योग के प्रति जागरुक रहने की प्रेरणा दी।

योग सत्र का प्रारंभ योगी प्रवीण आर्य ने ओ३म् की ध्वनि एवं गायत्री मंत्र से किया उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों को विरेचन क्रिया एवं आर्ट ऑफ लिविंग भस्रिका के साथ हाथों पैरों के सूक्ष्म व्यायाम तथा रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और हार्ट को मजबूत करने के अभ्यास कराये।उन्होंने मुस्कुराने के लाभों की प्रैक्टिकल चर्चा करते हुए बताया कि केवल मुस्कुराने से आप तनाव मुक्त,युवा एवं सुंदर बने रहते हैं। विशेष आमंत्रित डॉ वीरपाल विद्यालंकार ने अपने उद्बोधन में कहा कि आप जो यह रेलवे का प्रशिक्षण लेकर जनता के बीच कार्यक्षेत्र में उतरेंगे वहां मनोयोग एवं एकाग्रता का होना इस कार्य में आवश्यक है जोकि आपको ध्यानयोग के माध्यम से प्राप्त होगी। समयोग फाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ.दानवीर विद्यालंकार के सानिध्य में योग मर्मज्ञा पूजा वर्मा ने योग का सुन्दर प्रदर्शन किया जोकि सत्र में आकर्षण का केंद्र रहा।उन्होंने ध्यान योग कराया ध्यान के लाभों की विस्तृत चर्चा करते हुये बताया कि ध्यानयोग ही जीवन का आधार है। इसी के माध्यम से आप एकाग्रचित होकर कार्य कर सकेंगे।उन्होंने तालासन एवं हास्यासन भी कराये। समारोह के मुख्य वक्ता स्वदेशी आयुर्वेद के निदेशक डॉ. आर के आर्य ने साधकों को संबोधित करते हुए कहा की पूरी दुनियां में योग का डंका बज रहा है योग महोत्सव में जो कुछ आपने यहाँ योग विशेषज्ञों से सीखा है उसे जीवन में बनाये रखें ताकि सकारात्मक ऊर्जा बनी रहे। यदि अपने योग को अपनाया और अपने परिवार में सब को सिखाया तो आप सभी निरोगी एवं स्वस्थ बने रहेंगे। मुख्य अतिथि मदनलाल हरित समाजसेवी ने कहा कि योग हमारी प्राचीन धरोहर है जिसको बाबा रामदेव ने योग के प्रति लोगों में जागरूकता पैदा की है।उन्होंने योग प्रदर्शन को देखकर प्रसन्नता व्यक्ति और ओम के गूंजार के लाभों की चर्चा की।केन्द्रीय आर्य युवक परिषद उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष योगी प्रवीण आर्य ने सुमधुर संगीत योग गीत एवं चलते चलो मुसाफिर पुरुषार्थ के सहारे मंजिल तुम्हें पुकारे,योग सत्र को अपने भजन के माध्यम से पुरुषार्थी बनने का संदेश दिया। इस अवसर पर सर्वश्री डॉ राज योगी,चौधरी मंगल सिंह,डॉ प्रमोद सक्सेना एवं विशिष्ठ अतिथि प्रो ज्योति राघव आदि ने भी अपने विचार रखे।कार्यक्रम को सफल बनाने में सर्वश्री राकेश कुमार, रंजन शाह, राजेंद्र कुमार, नंदकिशोर, सुभाष चंद्र, सतीश कुमार सिंह एवं फैजान अहमद का सहयोग रहा।मंच का कुशल संचालक कर रहे डॉ. अग्नि देव शास्त्री ने धन्यवाद ज्ञापन एवं शांति पाठ से सर्वम शांति की कामना की।

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

अहिंसा परमो धर्मः परंतु सेवा भी परमो धर्म है :- आचार्य प्रमोद कृष्णम

भीषण गर्मी के कारण अधिवक्ता रामदयाल पांडे की हुई मौत

हर्षोल्लास से सम्पन्न हुई महकपाल सिंह जयन्ती-समारोह