साहित्य समाज का दर्पण होता है :- डॉ. अशोक चक्रधर

मेट्रो मत न्यूज़ संवाददाता चेतन शर्मा नई दिल्ली :- नई दिल्ली के प्रगति मैदान में चल रहे विश्व पुस्तक मेले में इंडिया नेट बुक प्राइवेट लिमिटेड के बैनर तले कवयित्री डॉ. नीलिमा पाण्डेय की पुस्तक "टूटा है अब मौन- डॉ नीलिमा पाण्डेय के प्रेमगीत" का विमोचन हुआ। यह विशेष अवसर प्रख्यात साहित्यकार पद्मश्री डॉ. अशोक चक्रधर की उपस्थिति में संपन्न हुआ।

इस अवसर पर डॉ. नीलिमा पाण्डेय ने अपनी पुस्तक के बारे में बताते हुए कहा कि इसका उद्देश्य प्रेम का संदेश फैलाना है। यह पुस्तक परिवार, भाई, बेटा और प्रकृति से जुड़े प्रेम की भावनाओं को अभिव्यक्त करती है। उन्होंने बताया कि इसमें विशेष रूप से प्रेम से संबंधित गीत संकलित किए गए हैं, जो पाठकों के हृदय को छूने का प्रयास करेंगे। विमोचन समारोह में मुख्य अतिथि डॉ. अशोक चक्रधर ने लेखिका और उनकी पुस्तक की भूरी-भूरी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि साहित्य समाज का दर्पण होता है और इस प्रकार की कृतियाँ समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने में सहायक होतीं हैं।
इस अवसर पर कई गणमान्य साहित्यकार और पाठक उपस्थित रहे, जिनमें डॉ. नीलिमा पाण्डेय, डॉ मनोरमा, विदुषी इला कुमार, डॉ. संजीव कुमार, गीरिश पंकज, डॉ. शकुंतला कालरा, डॉ. सुधीर शर्मा, फारूक अफरीदी, गिरिशेंद्र, विनय माथुर, कृतायन पांडे, मनीषा चौगुलकर आदि प्रमुख रूप से शामिल रहे। प्रकाशक इंडिया नेटवर्क प्राइवेट लिमिटेड के डॉ. संजीव कुमार ने बताया कि इस पुस्तक मेले में "टूटा है अब मौन- डॉ नीलिमा पाण्डेय के प्रेमगीत" के अलावा भी कई महत्वपूर्ण पुस्तकों का विमोचन किया गया। इनमें अमरत्व के लेखक राघवेश अस्थाना, उत्तरा एवं 51 शिक्षाप्रद कहानियाँ के लेखक डॉ. संजीव कुमार की कृतियाँ शामिल हैं। इन सभी पुस्तकों का विमोचन भी डॉ. अशोक चक्रधर द्वारा किया गया। इस अवसर पर उपस्थित साहित्य प्रेमियों ने लेखकों को बधाई दी और पुस्तकों को लेकर अपनी उत्सुकता जाहिर की। मेले में बड़ी संख्या में पुस्तक प्रेमी और साहित्यकार इस आयोजन के साक्षी बने।

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