धनक नीलिमा' नारी के विषण्ण जीवन की गाथा
"जहां प्रतीक्षा में बैठी रही मैं, वह धरा दरक गई है।"
मेट्रो मत न्यूज़ :- डॉ. नीलिमा पांडे जी एक प्रतिभावान और बेबाक कवयित्री हैं। 'धनक नीलिमा' नीलिमा जी का काव्य संग्रह है जिसमें उनकी 100 से अधिक कविताओं का संकलन है। इस पुस्तक में नारी के प्रेम, समर्पण, अंतर्द्वंद्व, विद्रोह, परिवर्तन आदि भावों को बहुत बारीकी से उकेरा गया है। कविताएं छोटी-छोटी हैं परंतु उन पर घंटों तक विचार किया जा सकता है।

