महाकवि गोपालदास नीरज गीतों में आज भी जिंदा है :- लाल बिहारी लाल
मैट्रो मत न्यूज ( संवादाता दिल्ली ) हिंदी के महाकवि गोपालदास नीरज का जन्म 4 जनवरी 1925 को उ.प्र.के इटावा जिला के पुरावरी गांव में हुआ था। इनका बचपन काफी मुफलिसी में बिता । शुरु में गंगा मैया में चढ़ाये जाने वाले 5 या 10 पैसे को नदी से एकत्र कर जीवन यापन होता था। इस मुफलिसी ने उन्हें गीतकार बना दिया।

लेखक-लाल कला मंच के सचिव एवं साहित्य टी.वी. के संपादक है।