सुसंस्कारित युवा पीढ़ी ही राष्ट्र की धरोहर :- बालेश्वर त्यागी
मैट्रो मत न्यूज ( संवाददाता गजियाबाद ) उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थानम् लखनऊ द्वारा संचालित पौरोहित्य प्रशिक्षण शिविर द्वारा प्रदेश की जनता को संस्कार युक्त बनाने के लिए एक महत्त्वपूर्ण कार्य योजना प्रारम्भ की है।


इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए रक्षा मंत्रालय, भारत सरकार की हिंदी सलाहकार समिति के पूर्व सदस्य वैदिक विद्वान डॉ रामप्रकाश शर्मा " सरस" ने कहा कि" योगी सरकार- संस्कारों की सरकार " है,इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम भारतीय जनता पार्टी की सरकार ही चला सकती है,क्योंकि देश के महान प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी सदैव ही भारतीय संस्कृति के वैज्ञानिक स्वरूप को वैश्विक मंचों पर बहुत प्रभावी ढंग से रखते आएं हैं।आर्य समाज के संस्थापक स्वामी दयानन्द सरस्वती ने अपनी अमर कृति संस्कार विधि" में संस्कारों का महत्त्व एवं विधान तथा आवश्यकता का वर्णन किया है,यह कृति मानव मात्र के कल्याण के लिए है।ऋग्वेद का प्रथम मंत्र अग्निमीडे पुरोहितं यज्ञस्य से प्रारंभ होता है,पुरोहित का मानव समाज में महत्त्व कितना है? यह इस मंत्र सेआर्य समाज के संस्थापक स्वामी दयानन्द सरस्वती ने अपनी अमर कृति संस्कार विधि" में संस्कारों का महत्त्व एवं विधान तथा आवश्यकता का वर्णन किया है, यह कृति मानव मात्र के कल्याण के लिए है।
